प्राचीन भारत में कृषि तथा सिंचाई के साधनों का विकास
Description
This paper has been published in Peer-reviewed International Journal "Anthology The Research"
URL : https://www.socialresearchfoundation.com/new/publish-journal.php?editID=8940
Publisher : Social Research Foundation, Kanpur (SRF International)
Abstract : कृषि का विकास मानव जीवन की विकास परम्परा में एक क्रांतिकारी कदम माना जाता है। इसने एक तरफ मानव को यायावरी जीवन से स्थायी जीवन के निर्माण का आधार प्रदान किया तो दूसरी तरफ सामाजिक संस्थाओें के उन्नयन के लिए मार्ग प्रशस्त किया। इसके पूर्व वह आहार संचयन की अवस्था में था, उत्पादक वर्ग की श्रेणी में नही आता था। नवपाषाण युग में मानव ने कृषि का प्रारम्भ किया तथा कृषि के उपकरणों का अविष्कार किया। यद्यपि इस काल के उपकरण अनगढ़ स्वरुप में प्राप्त होते है, परन्तु इसकों तकनीकी विकास की प्रथम अवस्था माना जा सकता है।
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Identifiers
- ISSN
- 2456-4397
Related works
- Is published in
- Journal article: 2456-4397 (ISSN)
Dates
- Submitted
-
2024-04-12
- Accepted
-
2024-04-22
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