Published April 25, 2024 | Version Anthology The Research
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प्राचीन भारत में कृषि तथा सिंचाई के साधनों का विकास

  • 1. नागरिक स्नातकोत्तर महाविद्यालय जौनपुर,उत्तर प्रदेश, भारत

Description

This paper has been published in Peer-reviewed International Journal "Anthology The Research"               

URL : https://www.socialresearchfoundation.com/new/publish-journal.php?editID=8940

Publisher : Social Research Foundation, Kanpur (SRF International)                 

Abstract :  कृषि का विकास मानव जीवन की विकास परम्परा में एक क्रांतिकारी कदम माना जाता है।  इसने एक तरफ मानव को यायावरी जीवन से स्थायी जीवन के निर्माण का आधार प्रदान किया तो दूसरी तरफ सामाजिक संस्थाओें के उन्नयन के लिए मार्ग प्रशस्त किया। इसके पूर्व वह आहार संचयन की अवस्था में थाउत्पादक वर्ग की श्रेणी में नही आता था। नवपाषाण युग में मानव ने कृषि का प्रारम्भ किया तथा कृषि के उपकरणों का अविष्कार किया। यद्यपि इस काल के उपकरण अनगढ़ स्वरुप में प्राप्त होते हैपरन्तु इसकों तकनीकी विकास की प्रथम अवस्था माना जा सकता है।

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ISSN
2456-4397

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Journal article: 2456-4397 (ISSN)

Dates

Submitted
2024-04-12
Accepted
2024-04-22

References

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