Published September 20, 2015 | Version v1
Journal article Open

SANT VILHOJI RACHIT HARIJAS : DHARMIK AAYAM

Authors/Creators

  • 1. BHAG SINGH KHALSA COLLEGE FOR WOMEN ABOHAR

Description

जाम्भाणी साहित्य की परंपरा में संत वील्होजी का प्रमुख स्थान है। जाम्भाणी साहित्य को सर्वप्रथम लिपिबद्ध करने का श्रेय संत वील्होजी को ही जाता है। जाम्भाणी साहित्य में हरिजस प्रमुख विधा के रूप में विद्यमान है। संत वील्होजी रचित हरिजस आध्यात्मिक कोटि के होने के साथ-साथ विविध धारणाओं व विचारों से समन्वित है। इष्ट आराधना, भक्ति-भावना, आडंबरों व पाखंडों का विरोध, लीलागान आदि उनके हरिजस की मुख्य विशेषता है। 

Files

अमर ज्योति.pdf

Files (139.1 kB)

Name Size Download all
md5:6e446ce765fd954cac0a01f536ed9351
139.1 kB Preview Download