उत्तर भारतीय और श्री लंकाई लोक गीतों में प्रकट होनेवाले सांस्कृतिक सूचनाओं का अध्ययन
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किसी देश की संस्कृति, वहाँ के लोगों की पहचान जानने में एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शक होती है। प्राचीन काल से भारत और श्री लंका के बीच मौजूद आपसी सांस्कृतिक संबंध इन देशों को चुनने का एक प्रमुख कारण था। इसलिए मैं उत्तर भारतीय क्षेत्रों और श्री लंकाई लोक गीतों के माध्यम से प्रकट होनेवाले दोनों देशों के ग्रामीण समाज की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी का अध्ययन करना आशा करती हूँ। दोनों देशों के लोक गीतों में व्यक्त सांस्कृतिक सूचनाओं का अध्ययन करके नये तथ्य एकत्रित करना और ज्ञान प्राप्त करना है। उत्तर भारत और श्री लंका के ग्रामीण लोगों की संस्कृति, जन्म से लेकर मृत्यु तक कैसे संचालित होती थी, यह इसकी मुख्य समस्या है। यह शोध, गुणात्मक शोध प्रविधि के आगमनात्मक दृष्ठिकोण के आधार पर किया गया है। प्राथमिक स्रोतों के तहत, उत्तर भारतीय और श्री लंकाई लोक गीतों से संबंधित ग्रंथों का प्रयोग किया और द्वितीय स्रोतों के तहत, इससे संबंधित अन्य ग्रंथ, शोध आलेख तथा अंतरजाल का प्रयोग किया गया। इस शोध आलेख के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि, दोनों देशों के लोक गीतों से प्राप्त जानकारियों में समानताओं के साथ-साथ भिन्नताओं को भी दर्शाती है और दोनों देशों के ग्रामीण लोग अपने जन्म से लेकर मृत्यु तक सभी विशेष अवसरों के लिए लोक गीतों का उपयोग करते हैं।
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