Published June 30, 2025
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अंकिया नाटकक स्वरूप आ विशिष्ठता
Authors/Creators
- 1. प्रधानाचार्य, बी.एस.एस.कॉलेज, सुपौल (बिहार)
Description
मध्यकालमे मिथिला आ नेपाल जकाँ आसाममे सेहो मैथिली नाटकक विकास भेल। एहि नाटक सभमेसँ 15 गोट नाटकक सम्पादन कऽ श्री विरंची कुमारबरूआ प्रकाशित करौलन्हि, एहि संग्रहक नाम ‘अंकिया नाट‘ रखलन्हि। यद्यपि एहि नाट्य संग्रहक नाम अंकिया अछि मुदा एकरा रूप विभाजनसँ कोनो सरोकार नहिं अछि। प्रायः आँगिक शब्दक भ्रष्ट रूपकें अंकिया कहल जाइत अछि।
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Additional details
Dates
- Available
-
2025-06-30
References
- मैथिली साहित्यक इतिहास इतिहास श्री जयकान्त मिश्र 186
- मैथिली नाटक ओ रंगमंच समालोचनात्मक डॉ. प्रेम शंकर सिंह 49
- नाट्यान्वाचय समालोचनात्मक डॉ. प्रेम शंकर सिंहक 25
- मैथिली साहित्यक इतिहास इतिहास श्री दुर्गानाथ झा'श्रीश' 221
- मैथिली नाटक ओ रंगमंच समालोचनात्मक डॉ. प्रेम शंकर सिंह 52
- मैथिली साहित्यक इतिहास इतिहास श्री दुर्गानाथ झा'श्रीश' 225
- नाट्यान्वाचय समालोचनात्मक डॉ. प्रेम शंकर सिंहक 37
- मैथिली साहित्यक इतिहास इतिहास श्री जयकान्त मिश्र 193