Published May 31, 2026 | Version Online
Journal article Open

बिहार के अंचल कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार : भूमि विवाद का प्रमुख आधार।

Description

भूमि केवल आर्थिक संपत्ति नहीं है; यह पारिवारिक सुरक्षा, सामाजिक पहचान, कृषि-आधारित जीवन और स्थानीय शक्ति-संबंधों का महत्वपूर्ण आधार है। यही कारण है कि अंचल प्रशासन (दाखिल-खारिज, जमाबंदी, परिमार्जन, मापी, भू-लगान और भूमि अभिलेखों) नागरिकों के दैनिक जीवन में बहुत महत्वपूर्ण है। इस शोध-पत्र का उद्देश्य भूमि विवादों को जन्म देना या उन्हें तीव्र करना है. इसमें कथित रिश्वतखोरी, आवेदनों को लंबित रखना, अभिलेखों में अस्पष्टता, निर्णय बिना स्थल निरीक्षण, अनावश्यक लालफीताशाही और कमजोर जवाबदेही शामिल हैं। समाचार-रिपोर्टों और निगरानी कार्रवाई से स्पष्ट है कि स्थानीय स्तर पर विवेकाधिकार, बिचौलियापन, देरी और प्रशासनिक अनुत्तरदायित्व अभी भी गंभीर चुनौती बने हुए हैं, हालांकि बिहार भूमि पोर्टल, ऑनलाइन दाखिल-खारिज, RTPS, लोक शिकायत निवारण अधिनियम और भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण जैसे प्रयासों ने पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण आधार बनाया है। बेगूसराय, सासाराम और अन्य स्थानों से प्रकाशित निगरानी कार्रवाइयों में भूमि मामलों से संबंधित रिश्वत के आरोपों ने इस मुद्दे को सार्वजनिक चर्चा का विषय बनाया है (Aaj Tak, 2025)। टाइम्स ऑफ इंडिया, 2025a) अध्ययन ने पाया कि भूमि विवादों को कम करने के लिए केवल डिजिटल पोर्टल पर्याप्त नहीं हैं; प्रत्येक भूमि सेवा के लिए समय-सीमा, कारणयुक्त आदेश, अनिवार्य स्थल निरीक्षण, सार्वजनिक पेंडेंसी डैशबोर्ड, सामाजिक निगरानी, प्रभावी अपील प्रणाली और अंचलाधिकारी की विधिक जवाबदेही आवश्यक हैं।

Files

MRR20264584.pdf

Files (480.7 kB)

Name Size Download all
md5:c0a2610f606a12dca22b1fbb9376e2c0
480.7 kB Preview Download