Published January 1, 2026 | Version v1

स्त्री-विमर्श: ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और समकालीन सन्दर्भ

Description

स्त्री विमर्श को जानने से पहले \\\'विमर्श\\\' शब्द को जानना बहुत आवश्यक है। विमर्श का अर्थ है जीवन्त बहस। हिन्दी में विमर्श शब्द अंग्रेजी के Discourse शब्द से आया है, जिसका अर्थ है वर्ण्य विषय पर सुदीर्घ एवं गम्भीर चिन्तन। किसी भी समस्या या स्थिति को एक कोण से न देखकर भिन्न मानसिकताओं, दृष्टियों, संस्कारों तथा वैचारिक प्रतिबद्धताओं का समाहार करते हुए उलट-पलट कर देखना विमर्श कहलाता है। उन्हें समग्रता में समझने की कोशिश करते हुए मानवीय सन्दर्भों में निष्कर्ष प्राप्ति की चेष्टा की जाती है। इस प्रक्रिया में निष्कर्ष अन्तिम नहीं माने जाते वरन उन्हें समय के साथ नया स्वरूप ग्रहण करने की स्वतन्त्रता होती है। इस प्रकार स्त्री-विमर्श का अर्थ है स्त्री को केन्द्र में रखकर समाज, संस्कृति, परम्परा एवं इतिहास का पुनः निरीक्षण करते हुए स्त्री की स्थिति पर मानवीय दृष्टि से विचार करने की प्रक्रिया। स्त्री-विमर्श, स्त्री-चेतना पर आधारित आख्यान है।

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