ओटीटी को जिम्मेदारी के साथ यथार्थवादी होना चाहिए: अपमानजनक भाषा का सामाजिक प्रभाव
Authors/Creators
Description
ओवर-द-टॉप (OTT) प्लेटफॉर्म आज मनोरंजन के सबसे लोकप्रिय माध्यमों में से एक बन चुके हैं। इन प्लेटफॉर्मों पर निम्नस्तरीय और अपमानजनक भाषा का अत्यधिक उपयोग देखने को मिलता है। इसका समाज पर, विशेष रूप से युवा पीढ़ी पर, गंभीर सामाजिक प्रभाव पड़ सकता है। तीखी और स्त्री-विरोधी गालियों तथा अश्लील अभिव्यक्तियों के व्यापक संपर्क से समाज में इनके प्रति स्वीकृति और सहनशीलता बढ़ने का खतरा उत्पन्न होता है।
समाज को इसके परिणामस्वरूप डिमेरिट गुड (Demerit Good) तथा नकारात्मक बाह्यताओं (Negative Externalities) के रूप में सामाजिक लागत वहन करनी पड़ सकती है।
यह शोध-पत्र इन मुद्दों पर विस्तृत चर्चा करता है तथा इस बात की संभावना और आवश्यकता का विश्लेषण करता है कि अश्लील भाषा के बढ़ते उपयोग को नियंत्रित करने के लिए नियम और दिशानिर्देश बनाए जाएँ। इस अध्ययन में विभिन्न आयु वर्गों के 300 से अधिक दर्शकों का सर्वेक्षण भी किया गया है ताकि यह समझा जा सके कि OTT पर प्रयुक्त अपमानजनक भाषा के प्रति लोगों की प्रतिक्रिया क्या है, उसका सामाजिक प्रभाव क्या है तथा इसके नियमन की आवश्यकता कितनी है।
Files
OTT_Kajleen & Harpreet (2).pdf
Files
(577.5 kB)
| Name | Size | Download all |
|---|---|---|
|
md5:78b46e4a5d265b7d7f34b8a934a8cb41
|
577.5 kB | Preview Download |