Published March 17, 2026 | Version v1
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भारत-चीन आर्थिक संबंधों में व्यापारिक असंतुलन, निर्भरता और चुनौतियां

  • 1. कला, मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय, निर्वाण विश्वविद्यालय जयपुर, जयपुर – 303305, राजस्थान (भारत)

Description

भारत और चीन एशिया में स्थित दो पड़ोसी देश हैं, जो लगभग 3488 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं। दोनों ही देश विश्व स्तर पर उभरती हुई अर्थव्यवस्थाएँ हैं। इस अध्याय में भारत और चीन के द्विपक्षीय संबंधों में असंतुलन तथा आर्थिक क्षेत्र के संदर्भ में आने वाली चुनौतियों का अध्ययन किया जाएगा। भारत और चीन के बीच आर्थिक संबंधों में द्विपक्षीय व्यापार में असंतुलन स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। भारत चीन से अधिक आयात करता है, जबकि कम निर्यात करता है, जिसके परिणामस्वरूप चीन पर भारत की निर्भरता निरंतर बढ़ रही है। वर्ष 2023 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 136.22 अरब डॉलर तक पहुँच गया था, जिसमें लगभग 100 अरब डॉलर का निर्यात चीन द्वारा किया गया था। ये आँकड़े भारत की चीन पर बढ़ती निर्भरता को दर्शाते हैं, जो भारत के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती बनती जा रही है। इसके समाधान हेतु भारत ने व्यापारिक असंतुलन और बढ़ती निर्भरता को ध्यान में रखते हुए पी. एल. आई. (Production Linked Incentive) जैसी योजना अपनाई है, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके अतिरिक्त, भारत ने यूरोप जैसे देशों के साथ अपने आर्थिक संबंधों और सहयोग को भी आगे बढ़ाया है, जिसमें तकनीक, कच्चे माल आदि के आदान-प्रदान पर ध्यान केंद्रित किया गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चीन की नीतियाँ, चीन–पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सी. पी. ई. सी.) जैसी परियोजनाएँ, सीमा तनाव तथा गलवान घाटी की झड़प जैसी घटनाओं ने भारत और चीन के राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को प्रभावित किया है, जिसके कारण विशेष रूप से आर्थिक संबंधों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। इसके परिप्रेक्ष्य में भारत ने समय-समय पर चीन के प्रति चिंता और अविश्वास व्यक्त किया है, और गलवान घटना के पश्चात भारत ने चीन के विरुद्ध कुछ प्रतिबंध भी लगाए, जिसके कारण भारत और चीन के आर्थिक संबंधों में गिरावट देखने को मिली। चीन के प्रति अविश्वास का एक प्रमुख कारण चीन–पाकिस्तान के बीच बढ़ती निकटता भी है। चीन अंतरराष्ट्रीय मंचों, विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र संघ में, पाकिस्तान का समर्थन करता रहा है, जिसके परिणामस्वरूप भारत–चीन संबंधों में स्थिरता कम तथा असंतुलन और तनाव अधिक दिखाई देता है।

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Dates

Submitted
2026-01-30
Updated
2026-03-07
Accepted
2026-03-10
Available
2026-03-17
Published Online

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