आधुनिक भारत में महिलाओं के आंदोलन शिक्षा और समानता के लिए संघर्ष
Authors/Creators
- 1. (सहाय्यक आचार्य), क्रांतीसिंह नाना पाटील महाविद्यालय वाळवा, ता: वाळवा जि: सांगली
Description
शोध सार
आधुनिक भारत में महिलाओं के आंदोलन सामाजिक सुधार, राष्ट्रीय आंदोलन और स्वतंत्रता के बाद संवैधानिक अधिकारों इन सब के मेल से विकसित हुआ | इसका मूल लक्ष्य था – शिक्षा, आत्म सम्मान और समान अधिकार आदि | आज आधुनिक काल में महिलाओं की जो हर क्षेत्र में उन्नति हो रही है इसका मुख्य कारण शिक्षा ही रहा है | सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ़ संघर्ष हुआ | इसके कारण - सती प्रथा, बालविवाह, विधवा पुनर्विवाह पर रोक जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ़ आंदोलन चलाया गया | इन कुरीतियों के खिलाफ़ बहुत से समाज सुधारकों ने आवाज उठाई | इससे इन कुप्रथाओं पर रोक लगाई गई | इससे महिलाओं को शिक्षा का अधिकार मिलता गया | शिक्षा लेने से ही एकता आ गयी | शिक्षा से ही महिलाओं का आर्थिक और सामाजिक विकास होता चला गया | इस अध्ययन के द्वारा हमें आधुनिक भारत में महिलाओं के आंदोलनों की, ऐतिहासिक यात्रा और इसके सामाजिक प्रभाव को जानना है |
1.महिलाओं की शिक्षा और साक्षरता बढ़ाने के लिए आंदोलन
2.दहेज विरोध, घरेलू हिंसा और लैंगिक भेदभाव, बाल विवाह के खिलाफ़ संघर्ष |
3.समान वेतन, श्रम अधिकार, आर्थिक स्वतंत्रता के प्रयास |
4.महिला सुरक्षा के लिए सख्त कानूनों का निर्माण |
5.महिला संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका |
6.शिक्षा संस्थानों, मीडिया के द्वारा महिलाओं की उन्नति के लिए प्रयास |
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