Published March 21, 2025 | Version v1
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भारतीय प्रगतिशील आन्दोलन एवं हाशिए का समाज

  • 1. प्रवक्ता, हन्दी राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज कड़ा, जनपद कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश, भारत

Description

नागार्जुन समाजवादी चेतना के प्रमुख कथाकार हैं, जिन्होंने अपने उपन्यासों में स्वतंत्र्योत्तर भारतीय समाज की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक वास्तविकताओं का यथार्थ चित्रण किया है। उन्होंने विशेष रूप से हाशिये पर स्थित वर्गों जैसे किसानों, मजदूरों, स्त्रियों और दलितों के शोषण, संघर्ष और जीवन स्थितियों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया है। उनके साहित्य में सामंतवाद, सामाजिक विषमता, रूढ़िवादिता और अन्याय का विरोध तथा समानता और न्यायपूर्ण समाज की स्थापना की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। नागार्जुन का कथा-साहित्य सामाजिक यथार्थ और समाजवादी दृष्टिकोण का सशक्त उदाहरण है, जो समाज परिवर्तन की प्रेरणा प्रदान करता है।

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