भूमि-संसाधन उपयोग की संकल्पना: भारत के विषेष सन्दर्भ में एक विवेचना- डा0 ओम प्रकाश यादव
Authors/Creators
Description
‘भूमि-संसाधन-उपयोग’ शब्द का प्रयोग प्रायः अर्थशास्त्रियों द्वारा किया जाता रहा है, जिसमें भूमि- संसाधन-इकाई का उपयेाग आदर्शतम उपयोगिता सिद्धान्त की छवि देखी जाती है। मानव प्रभाव से वंचित या अविकसित क्षेत्र, भूमि उपयोगिता की दृष्टि से नकारात्मक है। फलतः सांस्कृतिक भूगोल के क्षेत्र में भूमि-उपयोग एक क्रियाशील अवधारणा है, जब किसी भी क्षेत्र के भूमि का उपयोग वहां की आर्थिक समस्याओं के अनुरूप सम्पन्न होता है, तब भूमि के उपयोग के लिए ‘भूमि-संसाधन-उपयोग’ शब्द का प्रयोग अधिक उचित हो जाता है। प्रो0 वारले1 के अनुसार भूमि-संसाधन-उपयोग भूमि-समस्या एवं योजना सम्बन्धी विवेचना की धुरी है। भू-आर्थिक दृष्टिकोण से भूमि-उपयोग का प्राथमिक सम्बन्ध उस परिस्थिति, अवस्था से है, जिनका प्रादुर्भाव भूमि-संसाधन के उपयोग से होता है। फलस्वरूप भूमि-संसाधन उपयोग अध्ययन के महत्वपूर्ण पक्ष हो जाता है।
Files
OP Yadav, Dec 2025.pdf
Files
(203.8 kB)
| Name | Size | Download all |
|---|---|---|
|
md5:21f027d3ea622a176dfd8e74fe11770a
|
203.8 kB | Preview Download |