वर्तमान समय में श्रीमद् भागवद्गीता की महत्ता
Authors/Creators
- 1. सहायक प्रोफेसर हिन्दी, संत मोहन सिंह खालसा लबाना गर्ल्स कॉलेज, बराड़ा,अंबाला।
Contributors
Editor:
Description
श्रीमद्भगवदगीता को हिंदू धर्म का सबसे पवित्र ग्रंथ माना जाता है ।गीता के उपदेश संपूर्ण मानव जाति का आज भी कल्याण करते हैं ।यह हमें जीवन जीना सिखाती है तथा हर समस्या का समाधान इसमें मिलता है ।गीता हमारा मार्गदर्शन करती है ।यह हमें बिना फल की इच्छा किए कार्य करना सिखाती है ।काम ,क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार आदि से मुक्त करके परमात्मा से जुड़ना सिखाती है। यह हमें शरीर की नश्वरता और आत्मा के अमरता के बारे में बताती है ।शरीर की नश्वरता का ज्यादा शोक न करके हमें अपने कर्तव्य का पालन करना सिखाती है। यह हमें सभी परिस्थितियों में संतुलन बनाए रखने का तथा शांति का संदेश देती है। मन और इंद्रियों पर नियंत्रण करना सिखाती है। जब भी हम गीता को पढ़ते हैं तो हमारे अंदर नए-नए भावों का संचार होता है। यह हमें संसार में रहते हुए अपने कर्तव्य का पूर्ण पालन करना सिखाती है । गीता का अभ्यास करने वाला पुरुष भगवान को भी अपने अधीन कर लेता है तथा मुक्ति उसकी दासी बन जाती है। वह दूसरों के लिए भी मोक्ष का दरवाजा खोल देता है ।गीता का गौरव तो गायत्री मंत्र से भी बढ़कर है। यह हमें अज्ञान के रास्ते से दूर करके ज्ञान का रास्ता दिखाती है। यदि हम गीता के उपदेशों का पालन करें तो जीवन के सभी दुखों और चिंताओं से मुक्त हो सकते हैं।
Files
x171124.pdf
Files
(573.5 kB)
| Name | Size | Download all |
|---|---|---|
|
md5:bbfc58d73b1709e471845d9703b166a7
|
573.5 kB | Preview Download |