Published November 20, 2025
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भारत की राष्ट्रीय पहचान में आदिवासी समाज की भूमिका
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भारत की पहचान उसकी विविधता में एकता से होती है। यहाँ भाषाएँ, धर्म, संस्कृतियाँ, परंपराएँ अलग-अलग हैं, लेकिन इन सबका संगम ही "भारतीय राष्ट्रीयता" कहलाता है। इस राष्ट्रीय पहचान के निर्माण में आदिवासी समाज ने मौन लेकिन गहरा योगदान दिया है। भारत का आदिवासी समाज अपने स्वाभाविक जीवन, संघर्षशीलता, पर्यावरणीय दृष्टिकोण, सांस्कृतिक धरोहर और स्वतंत्रता आंदोलन में दिए गए बलिदानों के कारण हमारी राष्ट्रीय चेतना का अभिन्न अंग बन चुका है।
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