Published November 20, 2025 | Version v1

भारत की राष्ट्रीय पहचान में आदिवासी समाज की भूमिका

  • 1. कला व विज्ञान महाविद्यालय,चौसाळा,बीड

Description

भारत की पहचान उसकी विविधता में एकता से होती है। यहाँ भाषाएँ, धर्म, संस्कृतियाँ, परंपराएँ अलग-अलग हैं, लेकिन इन सबका संगम ही "भारतीय राष्ट्रीयता" कहलाता है। इस राष्ट्रीय पहचान के निर्माण में आदिवासी समाज ने मौन लेकिन गहरा योगदान दिया है। भारत का आदिवासी समाज अपने स्वाभाविक जीवन, संघर्षशीलता, पर्यावरणीय दृष्टिकोण, सांस्कृतिक धरोहर और स्वतंत्रता आंदोलन में दिए गए बलिदानों के कारण हमारी राष्ट्रीय चेतना का अभिन्न अंग बन चुका है।

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