शाह के जीवन के कुछ पहलू
Authors/Creators
- 1. प्रोफेसर, हिन्दी विभाग, एल0बी0एस0राज0स्ना0 महाविद्यालय हल्दूचैड़, नैनीताल (उत्तराखण्ड)
- 2. असि0 प्रोफेसर, हिन्दी विभाग, एल0बी0एस0राज0स्ना0 महाविद्यालय हल्दूचैड़, नैनीताल (उत्तराखण्ड)
Description
रमेश चन्द्र शाह का जन्म 4 मई 1937 में उत्तराखण्ड राज्य के सांस्कृतिक शहर अल्मोड़ा में हुआ। आपकी प्रारम्भ से इण्टरमीडिएट तक शिक्षा अल्मोड़ा में हुई। स्नातक की उपाधि इन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से प्राप्त, की जो देश के प्राचीन और प्रमुख विश्वविद्यालयों में से एक है। इन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य में एम0ए0 और पी-एच0डी0 की डिग्री हासिल की इनके शोध ग्रन्थ का शीर्षक ’येट्स एण्ड इलियटः पर्सपेक्टिव आॅन इण्डिया’ था। बचपन में दुकान में जो रद्दी सामान को लपेटने के लिए आती थी, उसी रद्दी को पढ़ने-लिखने के शौक ने इन्हें लेखक बना दिया। अपनी लगन व मेहनत से उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद नौकरी की खोज ने इन्हें शिक्षक के रुप में बाड़ेछीना की यात्रा करवाई और उसके पश्चात मुक्तेश्वर। सन् 1997 में हमीदिया काॅलेज से अंग्रेजी साहित्य के विभागाध्यक्ष पद से सेवानिवृत्त हुए। इसके पश्चात इन्होंने ’निराला सृजनपीठ’ का नेतृत्व करते हुए निदेशक पद को सुशोभित किया। आज भी जून 2025 में उम्र के इस पड़ाव में भी वे यथासम्भव पठन-पाठन से जुड़े हुए हैं। बहुमुखी प्रतिभा के धनी रमेश चन्द्र शाह में हिन्दी पट्टी कहे जाने वाले उत्तराखण्ड और मध्य प्रदेश दोनों ही राज्यों को अपने लेखन से समृद्ध किया है। इस शोध पत्र में हमारा उद्देश्य उनके जीवन के अनछुए पहलुओं को समेटकर उनके पाठकों, सह्दयों, मित्रों और लेखकों के समक्ष लाना है। यह विराट साहित्यकार, चिन्तक, आलोचक, अध्येता हैं और हमेशा रहेंगे।
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