Published September 30, 2025 | Version v1
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मगध क्षेत्र में स्थित स्ववित्तपोषित तथा वित्तपोषित शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों के कार्य संतुष्टि एवं कार्यतनाव का एक तुलनात्मक अध्ययन

  • 1. Research Scholar, Department of Education, Magadh University, Bodhgaya, Bihar
  • 2. Dr. Asfaq Ahmed, (Research Supervisor), Assistant Professor, Department of Education, Magadh University, Bodhgaya, Bihar

Description

प्रस्तुत शोध अध्ययन में मगध क्षेत्र (बिहार) में स्थित स्ववित्तपोषित तथा वित्तपोषित शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों (B.Ed., D.El.Ed. कॉलेजों) में कार्यरत प्रशिक्षकों के कार्यसंतुष्टि एवं कार्यतनाव के स्तर की एक तुलनात्मक है। इनके अंदर चलने वाली कार्यसंतुष्टि एवं कार्यतनाव जैसी भावनात्मक मनोदशा जांच एवं परीक्षण किया गया है। इसके लिए मानकीकृत प्रश्नावली को प्रयोग में लाया गया है। क्यों कि शिक्षण की गुणवत्ता पर शिक्षकों की मनोदशा के गहरे प्रभाव को देखा गया है।

      अध्ययन का उद्देश्य स्ववित्तपोषित तथा वित्तपोषित संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों के बीच कार्यसंतुष्टि एवं कार्यतनाव के स्तर कों ज्ञात करना है। अध्ययन से यदि कोई सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण अंतर है, तो उसका कारण पता लगाना और उन कारकों की पहचान करना है। इनके अंतरों के लिए उत्तरदायी कौन है तथा इससे निजात किस प्रकार पाया जा सकता हैं।

प्रस्तुत अनुसंधान में विभिन्न सांख्यिकीय विधि के साथ तुलनात्मक, सहसंबंधात्मक एवं वर्णनात्मक सर्वेक्षण पद्धति का प्रयोग किया गया। दो स्वतंत्र समूहों, स्ववित्तपोषित एवं वित्तपोषित संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों को यादृच्छिक प्रतिचयन द्वारा छ: सौ, शिक्षकों का नमूना के रूप में लिया गया है। डेटा संग्रह के लिए 'कार्यसंतुष्टि मापन हेतु ‘डॉ आर एस मिश्रा’ और ‘मनोरमा तिवारी’ द्वारा निर्मित व प्रमाणीकृत और 'कार्य तनाव प्रश्नावली ‘मसूद अंसारी’ और ‘डॉ. शाह मो. खान’ द्वारा निर्मित व मानकीकृत उपकरणों का प्रदत संग्रहण हेतु प्रयोग किया गया है।

     प्रस्तुत शोध अध्ययन में एकत्रित आंकड़ों की परीक्षण विश्लेषण स्वतंत्र नमूना  का t-मूल्य  तथा ‘r’ सहसंबंध जैस सांख्यिकीय विधियों द्वारा  गणना  किया गया है।  परिणामों से यह स्पष्ट होता हैं, कि स्ववितपोषित संस्थानों के शिक्षकों में कार्यसंतुष्टि का स्तर निम्न तथा कार्यतनाव का स्तर उच्च पाया जाता है, जबकि वित्तपोषित संस्थानों के शिक्षकों में इसके विपरीत कार्यसंतुष्टि का स्तर उच्च एवं कार्यतनाव के स्तर निम्न होने की प्रवृत्ति देखी गई। निष्कर्षतः यह कहा जा सकता है कि मगध क्षेत्र में स्थित प्रशिक्षण संस्थानों के स्ववित्तपोषित और वित्तपोषण  स्वरूपय माड्यूल वहां पर कार्यरत शिक्षकों की मनोदशा को स्पष्ट रूप से प्रभावित करता रहता है। जिसके कारण शिक्षण प्रशिक्षण की गुणवत्ता एवं नीति निर्माण की प्रक्रिया भी गंभीर रुप से प्रभावित होता रहता हैं।

Files

25.A-comparative-study-of-job-satisfaction-and-job-stress-among-teachers-working-in-self-financed-and-funded-teacher-training-institutions-in-the-Magadha-region.pdf

Additional details

Dates

Issued
2025-09-30
published

Software

References

  • 1. डॉ. राम शंकर पाठक (2018) आधुनिक शिक्षण विज्ञान एवं प्रशिक्षण अग्रवाल पब्लिकेशन्स, नई दिल्ली 2. रॉबिंस, एस. पी., & जे.जे.टी.ए. (2015). Organizational Behavior (16वाँ संस्करण). Pearson Education. 3. राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद. (2009). राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा पाठ्यचर्या की रूपरेखा एन.सी.टी.ई. प्रकाशन. 4. राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (2014). राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा पाठ्यचर्या की रूपरेखा, एन.सी.टी.ई. प्रकाशन. 5. राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद. (2014) NCTE विनियम (मान्यता मानदंड और प्रक्रिया) संशोधन,भारत सरकार, राजपत्र. 6. कृष्णास्वामी, ओ. आर. & रंगनाथन, एम., (2018). Methodology of Research in Social Sciences, Himalaya Publishing House. 7. कैरिंगटन, जॉन डब्ल्यू. (2014). Research Methodology: A Step-by-Step Guide for Beginners (4था संस्करण). SAGE Publications.