Published August 25, 2025 | Version http://www.socialresearchfoundation.com/new/publish-journal.php?editID=11751
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सावित्री बाई फुले का महिला सशक्तिकरण में योगदान : एक व्यापक अध्ययन

  • 1. ज्योति विद्यापीठ महिला विश्वविद्यालय जयपुर, राजस्थान, भारत

Description

सावित्री बाई फुले का जन्म 3 जनवरी 1831 को महाराष्ट्र के सतारा जिले के नायगांव ग्राम में हुआ। उनका परिवार मूलतः माली समुदाय से था। 1840 में उनका विवाह महात्मा ज्योतिराव फुले से हुआ, जो एक समाज सुधारक थे। बचपन से ही सावित्री को शिक्षा की महत्ता का ज्ञान था। 1847 में उन्होंने अमेरिकी मिशनरियों के स्कूल में शिक्षण प्रशिक्षण प्राप्त किया।अठारहवीं और उन्नीसवीं सदी के भारत में महिलाओं की स्थिति अत्यंत दयनीय थी। बाल विवाहसती प्रथाछुआछूत तथा अशिक्षा ने महिलाओं को समाज के मुख्य धारा से बाहर रखा। ऐसे समय में सावित्री बाई फुले ने महिलाओं के अधिकारोंशिक्षा और समानता के लिए जीवन समर्पित किया। वे न केवल भारत की पहली महिला शिक्षिका थींबल्कि दलित और पिछड़ी महिलाओं के लिए शिक्षा और समानता की दीप्तिमान मशाल भी थीं। इस शोध-पत्र का उद्देश्य उनके जीवनकार्य और महिला सशक्तिकरण में योगदान का समग्र विश्लेषण प्रस्तुत करना है

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सावित्री बाई फुले का महिला सशक्तिकरण में योगदान.pdf

Additional details

Dates

Submitted
2025-08-10
Accepted
2025-08-21

References

  • काव्यफुले (1854) बावनकशी सुबोधरत्नाकर (1891) सावित्रीनामा : सावित्रीबाई फुले का समग्र साहित्यकर्म' (फारवर्ड प्रेस, नई दिल्ली) International Journal of Novel Research and Development (IJNRD) के लेख "Savitribai Phule: An Indian Pioneer in Women's Education" सावित्रीबाई फुले जीवनी , 2023. Wikipedia, "सावित्रीबाई फुले," 2013.