हिंदी साहित्यसृजन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की भूमिका
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वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) समाज के हर क्षेत्र में परिवर्तन का माध्यम बन रही है। हिंदी साहित्य भी इससे अछूता नहीं है। साहित्यिक सृजन, अनुवाद, आलोचना, शोध, संरक्षण और अभिलेखन जैसे विविध क्षेत्रों में AI का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
AI आधारित टूल्स न केवल कविताओं, कहानियों और निबंधों की रचना में सहायक सिद्ध हो रहे हैं, बल्कि हिंदी साहित्य को वैश्विक मंच तक पहुँचाने में भी योगदान दे रहे हैं। साथ ही, डिजिटल संरक्षण और टेक्स्टमाइनिंग जैसी तकनीकों ने साहित्यिक धरोहर को सुरक्षित और शोध के लिए सुलभ बना दिया है। हालाँकि, इसके उपयोग से प्रामाणिकता, नैतिकता, कॉपीराइट और पारंपरिक पठनसंस्कृति जैसी चुनौतियाँ भी सामने आई हैं। प्रस्तुत शोधपत्र में हिंदी साहित्य में AI की भूमिका, संभावनाएँ, चुनौतियाँ और उद्धरणों के माध्यम से इसका विवेचन किया गया है।
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4. हिंदी साहित्यसृजन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की भूमिका.pdf
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