Published September 1, 2025 | Version v1
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दीक्षा ऐप के माध्यम से भारतीय ज्ञान प्रणाली का गणितीय अभिरुचि में अनुप्रयोग

  • 1. शोधछात्र, शिक्षा संकाय, दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट, आगरा, उत्तर प्रदेश, भारत
  • 2. एसोसिएट प्रोफ़ेसर, शिक्षा संकाय, दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट, आगरा, उत्तर प्रदेश, भारत

Description

इस शोध पत्र का उद्देश्य भारतीय ज्ञान प्रणाली (Indian Knowledge System-IKS) के गणितीय पहलुओं और उनके आधुनिक शैक्षिक संदर्भ में योगदान का विश्लेषण करना है। इसमें शुल्बसूत्रों की ज्यामितीय रचनाएँ, पिंगल के छंद-सिद्धांत, आर्यभट और भास्कर की गणितीय विधियाँ, तथा जैन गणित परंपरा जैसी ऐतिहासिक अवधारणाओं को शामिल किया गया है। विशेष रूप से यह अध्ययन इस बात पर केंद्रित है कि दीक्षा (DIKSHA) ऐप के माध्यम से इन पारंपरिक ज्ञान तत्वों का पाठ्यक्रम में समावेश सीखने वालों की गणितीय अभिरुचि को किस प्रकार प्रोत्साहित कर सकता है। विभिन्न अध्ययनों और शोध-विश्लेषणों से स्पष्ट होता है कि IKS-आधारित सामग्री जब डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म, सूक्ष्म-अधिगम (microlearning), मूल्यांकन, और शिक्षक प्रशिक्षण के साथ संयोजित की जाती है, तो यह न केवल समस्या-समाधान कौशल को बढ़ावा देती है, बल्कि सांस्कृतिक रूप से प्रत्युत्तरदायी शिक्षा को भी सुदृढ़ करती है। इसके अतिरिक्त, डिजिटल माध्यमों द्वारा प्रस्तुत सामग्री सीखने में रुचि और सहभागीता को बढ़ाकर सतत शैक्षिक विकास में योगदान करती है। समीक्षा यह भी सुझाती है कि नीति-निर्माण में IKS को एकीकृत करना, शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को समायोजित करना और कार्यान्वयन ढाँचे में संभावित चुनौतियों-जैसे तकनीकी अवसंरचना, स्थानीय संदर्भ और भाषा संबंधी बाधाओं-का समाधान करना आवश्यक है। इस प्रकार, यह समीक्षा-पत्र न केवल पारंपरिक भारतीय गणितीय ज्ञान और आधुनिक डिजिटल शिक्षण के मध्य सेतु स्थापित करता है, बल्कि दीक्षा ऐप जैसी तकनीकी पहल के माध्यम से शिक्षार्थियों में गणितीय रुचि, समस्या-समाधान कौशल और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर भी प्रकाश डालता है।

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