Published September 1, 2025 | Version v1
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आयुर्वेद, योग और उच्च शिक्षा में कल्याण: शिक्षकों की नौकरी संतुष्टि के संदर्भ में

  • 1. शोधार्थी, शिक्षा संकाय, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर, राजस्थान, भारत

Description

भारत की परंपरागत ज्ञान परंपरा, विशेषकर आयुर्वेद और योग, न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य और संतुलन को बढ़ावा देती है बल्कि शैक्षणिक जीवन की गुणवत्ता को भी गहराई से प्रभावित करती है। उच्च शिक्षा संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों के लिए मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक संतुलन अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि उनकी कार्य-संतुष्टि सीधे-सीधे शैक्षणिक माहौल, विद्यार्थियों की प्रगति और संस्थान की गुणवत्ता से जुड़ी होती है। आयुर्वेद और योग का समन्वय शिक्षकों के जीवन में न केवल तनाव प्रबंधन का साधन है बल्कि उन्हें अपने कार्यक्षेत्र में अधिक सकारात्मक, सृजनशील और उत्पादक बनाने का आधार भी है।

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