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शेखावाटी के दांता ठिकाने का ऐतिहासिक अध्ययन: राजर्षि ठाकुर मदनसिंह के विशेष संदर्भ में

  • 1. मानविकी और सामाजिक विज्ञान विभाग ज्योति विद्यापीठ महिला विश्वविद्यालय जयपुर, राजस्थान, भारत

Description

भारत के मानचित्र में राजस्थान के मरुस्थलीय प्रदेश शेखावाटी का विशिष्ट स्थान है। राव शेखा व उनके वंशजो द्वारा शासित प्रदेश शेखावाटी कहलाता है। सीकर को शेखावाटी का हृदय स्थल कहा जाता है। रियासत युग में सीकर ठिकाना जयपुर रियासत का ही एक हिस्सा था जहां आज सीकर शहर का गढ़ बना हुआ है। यह प्राचीन समय में वीरभान का बास नामक गांव के नाम से जाना जाता था। खण्डेला शेखावाटी क्षेत्र का एक प्राचीन नगर है। इसका प्राचीन नाम खण्डपूर था। खण्डेला की जागीर अकबर के द्वारा राव शेखा के पौत्र (रायमल का पुत्र) रायसल को दी गयी। खण्डेला के राजा वरसिंहदेव ने अपने द्वितीय पुत्र अमरसिंह को नो गाँवो के साथ लोसल का ठिकाना दिया। अमरसिंह की बहिन का विवाह जोधपुर महाराजा जसवन्त सिंह के साथ सम्पन्न हुआ। फलस्वरूप अमरसिंह भी जसवन्त सिंह की सैनिक सेवा में रहने लगा। अमरसिंह की योग्यता व वीरता के कारण महाराजा जसवन्त सिंह ने दाँता कस्बा उन्हें जागीर के रूप में दिया। इस प्रकार दांता ठिकाने की स्थापना वि. सं. 1726  को आखातीज  के दिन ठाकुर अमरसिंह द्वारा की गई। दांता ठिकाने पर ठाकुर अमरसिंह से लेकर अंतिम शासक मदनसिंह तक 16 शासको ने राज किया। प्रस्तुत शोध में ठा. मदनसिंह का विषेष संदर्भ देते हुए दांता ठिकाने का ऐतिहासिक अध्ययन किया गया हैं।

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2025-05-01
Accepted
2025-05-21

References

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