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सूर्यकांत त्रिपाठी की सरोज स्मृति अविस्मरणीय शोक गीत

  • 1. महारानी महिला महाविद्यालय धौलपुर राजस्थान,भारत

Description

सूर्यकांत त्रिपाठी'निरालाछायावाद के प्रतिनिधि कवि है। छायावाद को हिंदी साहित्य की परम्परा की एक कड़ी के रूप में देखा जाता है। इसका उदय हमारे साहित्य की विशेष सामाजिक और साहित्यिक परिस्थितियों में हुआ। छायावाद का चलन द्विवेदी काल की रूखी इतिवृत्तात्मकता की प्रतिक्रिया स्वरूप हुआ। छायावादी कविताओं की विशेषतायें उनको हिंदी साहित्य में एक उचित स्थान दिलाती हैं।
जय शंकर प्रसादसूर्यकांत त्रिपाठी निरालासुमित्रानंदन पंत और महादेवी वर्मा छायावाद के चार प्रतिष्ठित स्तम्भ हैं। व्यक्तित्व की स्वाधीनताविराटकल्पनाप्रकृति-साहचर्यमानवप्रेमवैयक्तिक प्रणयउच्च नैतिक आदर्शदेशभक्तिराष्ट्रीय स्वाधीनता आदि छायावादी कविता के प्रमुख विषय हैं एवं विशेषतायें हैं।
सूर्यकांत त्रिपाठी निराला (1896 - 1961) अपने विद्रोही स्वभाव के कारण विद्रोही कवि के रूप में  जाने जाते हैं। सामाजिक-आर्थिक दृष्टि से उनका अधिकांश जीवन संघर्ष में गुजरा और वे अपने जीवनकाल के दौरान साहित्य में वह स्थान नहीं बना सके जिसके वह वास्तविक हक़दार थे। परिमलअनामिकागीतिकातुलसीदासबेलाआराधना आदि उनके प्रमुख काव्य संग्रह हैं।
सूर्यकांत त्रिपाठी निराला ने हिंदी साहित्य को मुक्त छंद की अवधारणा दी तथा आपके प्रगीत हिंदी साहित्य में महत्त्वपूर्ण स्थान रखते हैं। औदात्य से परिपूर्ण आपके द्वारा रचित लंबी कविता 'राम की शक्ति पूजाहिंदी साहित्य की महती उपलब्धि है। वर्ष 1935  में आत्मकथात्मक तत्व से ओतप्रोत 'सरोज स्मृतिकविता छायावादी कवि सूर्य कांत त्रिपाठी ' निराला ' द्वारा उद्धृत हिंदी का श्रेष्ठतम शोक गीत है। आपने अपनी बेटी सरोज की असमय मृत्यु के बाद हिंदी साहित्य के सर्वश्रेष्ठ शोकगीत 'सरोजस्मृतिकी रचना की। प्रस्तुत शोध पत्र के अंतर्गत लेखक ने सूर्यकांत त्रिपाठी निराला द्वारा कृत सरोज स्मृति को शोकगीत के रूप में मानकर उसकी समीक्षा की है।

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सूर्यकांत त्रिपाठी की सरोज स्मृति अविस्मरणीय शोक गीत.pdf

Additional details

Dates

Submitted
2024-12-12
Accepted
2024-12-22

References

  • चौहान, केशाराम (2024). सूर्यकांत त्रिपाठी निराला का साहित्य. जर्नल ऑफ़ एमेर्गिन टेक्नोलॉजीज एंड इनोवेटिव रिसर्च., 11(10): a474 - a478. कुमारी, मुनेश (2015). सूर्यकांत त्रिपाठी निराला का हिंदी साहित्य में योगदान। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ़ एनहांस्ड रिसर्च इन एजुकेशनल डेवलपमेंट., 3(1):43-50. मंजु, ए. (2019). सरोज स्मृति की काव्य शैली: एक वैज्ञानिक अध्ययन. वाणी प्रकाशन. मिश्रा, रत्नेश (2021). काव्य चर्चा., अमर उजाला। निराला की साहित्य- साधना : डॉ राम विलास शर्मा निराला - आत्महंता आस्था : दूधनाथ सिंह निराला की काव्य- भाषा : रेखा खरे वर्मा, डॉ. आर. पी. (2017). सूर्यकांत त्रिपाठी निराला: व्यक्तित्व एवं कृतित्व. इंटरनेशनल जर्नल ऑफ़ साइंटिफिक एंड इनोवेटिव रिसर्च स्टडीज., 5(5):31-43.