बेगूसराय जनपद में लिंगानुपात एवं साक्षरता में सह-संबंध का भौगोलिक अध्ययन।
Authors/Creators
- 1. शोध छात्र, स्नातकोत्तर भूगोल विभाग, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा, बिहार
- 2. एसोसिएट प्रोफेसर, स्नातकोत्तर भूगोल विभाग, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा, बिहार
Description
लिंगानुपात का घटता स्तर वर्तमान समय में प्रदेश के सामाजिक विकास के लिए एक बड़ी समस्या उत्पन्न कर रही है। किसी भी क्षेत्र के जनसंख्या के सामान्य स्तर को बनाये रखने के लिए जनसंख्या में पुरूष एवं महिलओं की संख्या का बराबर होना आवश्यक है। बेगूसराय जनपद में लिंगानुपता का गिरता स्तर यहाँ की जनसंख्या के लिए एक गंभीर समस्या हो गई है। लिंगानुपात के गिरते स्तर के कई करण है परन्तु इसमें साक्षरता भी एक महत्वपूर्ण कारण है। पढ़े-लिखे एवं साक्षर लोगों का मानना है, कि ‘छोटा परिवार सुखी परिवार’ होता है। वर्तमान समय में बेगूसराय जनपद में इस विचार धारा के कारण जिस परिवार में पहला संतान लड़का होता है उस परिवार में सामान्यतः दूसरॆ बच्चों का जन्म नहीं होता है। इसके अलावे विभिन्न प्रकार के मेडिकल सुविधाओं का भी प्रयोग कर लोग परिवार में लड़कों - लड़कियों की जनसंख्या का निर्धारण करते है। स्त्री-पुरूषों के अनुपात में विषमता से कई सामाजिक समस्याएँ जैसे-वेश्या-गमन, बलात्कार, व्यभिचार इत्यादि उत्पन्न हो जाती है। ये समाज के लिए कलंक है, जिनसे मनुष्य का नैतिक, सामाजिक और शारीरिक अघःपतन हो जाता है।
Files
110564.pdf
Files
(1.5 MB)
| Name | Size | Download all |
|---|---|---|
|
md5:70074db46a2f236b06f39528b0530a21
|
1.5 MB | Preview Download |