भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में साधु -संतों का योगदान
Authors/Creators
Contributors
Researcher:
Description
सारांश
हमारा देश सनातन धर्म भारत को सशक्त व समर्थ बनाने में यहां के युवाओं देश के समर्पित मेहनती परिश्रमी व्यक्तियों का योगदान तो है ही साथ ही यहां के गुरुओं संतों महापुरुषों वैरागियों संन्यासियों की भूमिका भी कम करके नहीं आकी जा सकती। युग के स्वतंत्रता आंदोलनों में संत नहीं रहे कभी पीछे। असीमित मुगलों के आक्रमण से त्रस्त जनता को शक्ति देने के लिए समर्थ गुरु रामदास ने वीर शिवाजी जैसे योद्धाओं को गढ़ा और जनता में शारीरिक-वैचारिक शक्ति, आत्मबल जगाने के लिए जगह-जगह हनुमान मंदिरों व अखाड़ों की स्थापना की गयी और सबको युग संग्राम में खड़ा किया। गुरु गोविन्द सिंह बंदा वैरागी जैसे संतों की लम्बी सूची है। आचार्य शंकर से लेकर गुरुगोरक्ष नाथ, मत्सेन्द्र नाथ स्वामी रामानुज माधवाचार्य कबीर तुलसी सुरदास नामादास संत रविदास की एक लम्बी श्रृंखला है। आज विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश बनकर भारत खड़ा है। इसे सम्हालने में जितनी संविधान सरकार सेना शासन-प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण है। उससे कहीं अधिक संवैधानिक दायरे में रहकर जन-जागरण कर रहे हमारे देश के संतों का योगदान महत्वपूर्ण है। संतों की वर्तमान भूमिका तो और भी बढ़ गयी है। उन्हें समय के साथ अत्याधुनिक पीढ़ी से तालमेल बैठाने के साथ देश के आम जनमानस में सेवा संवेदना ईश्वर भक्ति के सहारे राष्ट्रभक्ति को जगाने जैसे प्रमुख कर्तव्य निभाने हैं। नकारात्मकता के दायरे में फंसती जनता में सकारात्मक चिंतन-चेतना एवं आत्मबल जगाकर उसे भारत की संवैधानिक प्रस्तावना के अनुरूप एकजुट रखना कोई सामान्य कार्य नहीं है। स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था। भारत में जब भी आध्यात्मिक चेतना के साथ सेवा अभियान की झलक जगेगी देश आत्म स्वाभिमान से भर उठेगा पर उसे जनव्यापी होने में अभी 100 वर्ष लगेंगे। सन् 1926 को एक तरफ महर्षि अरविन्द ने अतिमानस के अवतरण का वर्ष घोषित किया तो दूसरी ओर धर्म-अध्यात्म की दिशा में कार्य कर रहे। संतों महापुरुषों के व्यक्तियों में सनातन संस्कृति एवं हिन्दू मूल्यों भारतीय प्रणीत आध्यात्मिक चेतना को लेकर नई दृष्टि पैदा हुई। और इसी के साथ जागृत आध्यात्मविदों जागृत आत्माओं एवं देश में धर्म संस्कृति सेवा में समर्पित तंत्र आगामी 100 वर्षों को केन्द्र में लेकर चरणवद्ध अपनी योजनायें निर्धारण में जुट गये।
Files
28.pdf
Files
(588.0 kB)
| Name | Size | Download all |
|---|---|---|
|
md5:2d2af63cd323066c8bd87b95ce67e81f
|
588.0 kB | Preview Download |