भारतीय समाज में किन्नर समुदाय का सामाजिकव सांस्कृतिक पक्ष-एक विमर्श
Description
This paper has been published in Peer-reviewed International Journal "Anthology The Research"
URL : https://www.socialresearchfoundation.com/new/publish-journal.php?editID=8130
Publisher : Social Research Foundation, Kanpur (SRF International)
Abstract : प्राचीन काल से वर्तमान समय तक के समस्त साहित्यकारों ने साहित्य और समाज से जुड़े सभी पक्षों व संदर्भों को छुआ है किन्तु समाज व साहित्य में कुछ विषय ऐसे भी है जहां प्राचीन साहित्यकारों व लेखकों का ध्यान नहीं गया था उन्होंने उन विषयों पर अपनी लेखनी का प्रयोग नही किया। कई ऐसे अनछुए विषय वर्तमान समय में लेखकों की कलम का विषय बन चुके हैं।
प्राचीन साहित्य में नारी विमर्श एवं पुरुष विमर्श पर अथाह लिखा जा चुका है लेकिन इस समाज में एक और लिंग विमर्श शेष है जो नारी व पुरुष दोनों ही विमर्श का हिस्सा नहीं है। इस तृतीय विमर्श को साहित्यकारों ने किन्नर विमर्श का नाम दिया है। हम समस्त मानव समुदाय ने 21वीं सदी में प्रवेश कर लिया है लेकिन वर्तमान में भी हम मन से मध्यकालीन संकीर्णता में ही जी रहे है। हमारा मन व मस्तिष्क दोनों आज भी संकीर्णताओ की बेड़ियों से जकड़े हुये हैं। ऐसे संकीर्ण परिस्थितियों में उस तृतीय वर्ग पर क्या गुजरती होगी जिसे हमारा समाज किन्नरी, हिजड़ा, खोजवा, शिखण्डी आदि नामों से सम्बोधित करता आया है।
इस असहाय वर्ग की झोली में असीम वेदना और निस्सीम पीड़ा हाथ लगी है। किन्नर समाज का विमर्श करने में हम हिचकिचा रहे है इस कारण इस समाज का विमर्श व अध्ययन अपनी अपरिपक्व अवस्था में ही है।
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Identifiers
- ISSN
- 2456-4397
Related works
- Is published in
- Journal article: 2456-4397 (ISSN)
Dates
- Submitted
-
2024-01-09
- Accepted
-
2024-01-17
References
- 1. यमदीप- नीरजा माधव (सामयिक प्रकाशन) 2. यमदीप- नीरजा नाधव (सामयिक प्रकाशन) 3. हिन्दी उपन्यास और थर्ड जेंडर 4. किन्नर कथा,- महेन्द्र भीष्म (सामयिक पेपर वैक्स, दरियागंज नई दिल्ली 2016 (उपन्यास के प्रकाषन से पृष्ठ संख्या (8)) 5. मैं क्यों नहीं ? पारू मदन नाईक पृष्ठ संख्या - (165) (मराठी) अनुवादक - (सुनीता पराजये) 6.''किन्नर कथा'' - महेंद्र भीष्म 7.''किन्नर कथा'' - महेंद्र भीष्म 8. गुलाम मण्डी- निर्मला मुराडिया 9. तीसरी ताली प्रदीप सौरभ 10. पोस्ट बॉक्स न. 203 नालासोपारा पेपरबक्स, चित्रा मुद्गल (सामाजिक पेपरेवेक्स, नई दिल्ली 2016) पृष्ठ संख्या- 193 11. पोस्ट बॉक्स न. 203 नालासोपारा पेपरबक्स, चित्रा मुद्गल (सामाजिक पेपरेवेक्स, नई दिल्ली 2016) पृष्ठ संख्या- 193 12. https://www.jetir.org/papers/JETIR1907V30.pdf