भारत के आर्थिक विकास में किसानों का योगदान
Description
भारत कृषि प्रधान देश है। यहॉ की लगभग आधी आबादी कृषि एवं उससे सम्बंधित क्षेत्रों पर आश्रित है। जिस समय देश को आजादी मिली उस समय की स्थिति एवं आज की स्थिति में काफी अन्तर देखा जा सकता है। वर्ष 1951-52 में जहाँ सकल घरेलू उत्पाद में कृषि एवं उससे सम्बंधित क्षेत्रों का योगदान 51.81 प्रतिशत था, वहीं विŸाय वर्ष 2020-21 में घट कर 20 प्रतिशत रह गया। वर्तमान आँकड़ों के अनुसार भारत विश्व की सबसे बड़ी जनसंख्या का पोषण हेतु जीविकोपार्जी कृषि की जाती है। देश का आर्थिक विकास तब तक सम्भव नहीं है जबतक किसानों की आय एवं जीवन स्तर में सुधार न हो। किसानों की आय तब बढे़गी जब कृषि से सम्बंधित उद्योगों का विकास होगा। वर्तमान समय में भारत का विश्व में दूध एवं मसाला के उत्पादन में प्रथम तथा फल, सब्जियों, चाय, गन्ना, गेंहू, चावल, कपास उत्पादन में दूसरा स्थान है। किसान उत्पादक के साथ-साथ उपभोक्ता भी होता है। एक ओर जहाँ वह उद्योगों के लिए कच्चे माल का उत्पादन करता है वहीं दूसरी ओर निर्मित वस्तुओं का उपभोक्ता भी होता है। कृषि क्षेत्र उद्योग एवं सेवा क्षेत्र का आधार स्तम्भ है।
Files
11.pdf
Files
(235.0 kB)
| Name | Size | Download all |
|---|---|---|
|
md5:6626c9772a9f5a2fbb1d7ed3fa0aab98
|
235.0 kB | Preview Download |