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महात्मा गांधी और नई तालीम : गांधीजी के बुनियादी शिक्षा की समीक्षा करते हुए पाठ्यचर्या निर्माण

  • 1. सहायक प्राध्यापक, महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा ४४२००१ महाराष्ट्र, भारत

Description

सन 1937 में महात्मा गांधी ने वर्धा योजना शुरू की । इसको बुनियादी शिक्षा या नई तालीम के नाम से भी जाना जाता है । बुनियादी शिक्षा का तात्पर्य शिक्षा की उच्च प्रणाली से है जिससे बालक शिक्षा को प्राप्त करके आत्मनिर्भर बन सके, स्वावलंबी  बन सके तथा अपने जीवन को चलाने हेतु कुछ उपार्जन कर सके ।बूनियादी  शिक्षा का तात्पर्य शिक्षा की उसे प्रणाली से है जिसमें विभिन्न प्रकार के हस्तशिल्पों का प्रशिक्षण प्रदान करते हुए बालकों का शारीरिक, मानसिक, नैतिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विकास करना है और इसमें शिक्षा को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाता है।वर्तमान में दशकों के बाद, भारत को एक नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति मिली । नई शिक्षा नीति 2020, आधुनिक शैषिक विचारधाराओं और विचार प्रक्रिया के कई पहलुओं के आलावा शिक्षा पर गाँधीवादी विचारों की याद दिलाती है । गांधीजी एक ऐसे प्रयोगवादी थे, जिन्होंने जीवन भर सत्य का साथ दिया । वह प्राचीन संस्कृति से अधिक प्रभावित थे । नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में बहुभाषावाद और भाषा, जीवन कौशल, नैतिकता और मानव संवैधानिक मूल्यों, रचनात्मकता और महत्वपूर्ण सोच, समग्रशिक्षा आदि की शक्ति को बढ़ाने की क्षमता है।

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