नृत्य चिकित्सा
Description
नृत्य अंगा े व भावा ें की सा ैन्दर्यमयी भाषा ह ैं। नृत्य में करण, अंगहार, भाव, विभाव, अनुभाव और रसा ें की अभिव्यक्ति की जाती
ह ैं। अतएव नृत्य द्वारा अंगा े व भावों क े संतुलित प ्रसव और विकास का एक द्वार जैसा खुल जाता ह ै, जो ह ्दय आ ैर
मानसिक स्थितिया ें को तृप्ति प ्रदान करता है। कथक नृत्य की रचना देह का े शारीरिक व मानसिक स्तर का समन्वित
शक्तिशाली प ुंज बना देती ह ैं और आध्यात्मिक स्तर पर आत्मिक शांति प ्रदान करने में सहायक सिद्ध होती ह ै। नृत्य एक ऐसा
माध्यम ह ै जिसके जरिए भावनात्मक ऊर्जा को एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जाता ह ैं। नृत्य चिकित्सा क्ंदबम
ज्ीमतंचल इसी पर आधारित ह ै। इसे गति का एक ऐसा प ्रया ेग कह सकते ह ै जो न सिर्फ हमंे शारीरिक रूप से स्वस्थ
रहता है, बल्कि हमे मानसिक रूप से भी मजब ुत बनाता है। नृत्य मंे ए ेसे तत्व निहित होते ह ै जिनके द्वारा विभिन्न रोगा ें की
चिकित्सा संभव है।
प ्रस्तुत शोध पत्र में न ृत्य चिकित्सकीय गुणा ें पर चर्चा की र्गइ ह ै।