Published September 30, 2023 | Version Jul.-Aug.-Sep.-2023

भारत में प्राचीन शिक्षा प्रणाली : जीवन जीने का मार्ग

  • 1. प्राध्यापक, बी०एड० राजकीय स्नातकोत्तर महविद्यालय, कोटद्वार (पौड़ी-गढ़वाल)

Description

समाज की प्रत्येक समस्या का समाधान शिक्षा द्वारा ही उपलब्ध कराया जाता है। भारत में तक्षिला, नालंदा, वैशाली, वाराणशी
आदि विश्व प्रसिद्ध उच्च शिक्षा के संस्थान थे। ऋग्वेद के समय से, हमारी प्राचीन शिक्षा प्रणाली समय के साथ विकसित
हुई और आंतरिक और बाहरी दोनों का ध्यान रखते हुए व्यक्ति के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित किया। यह प्रणाली जीवन
के नैतिक, शारीरिक, आध्यात्मिक और बौद्धिक पहलुओं पर केंद्रित थी। हमारी वर्तमान शिक्षा प्रणाली को भारत की प्राचीन
शिक्षा प्रणाली से बहुत कुछ सीखना है। इसलिए, सीखने को स्कूल के बाहर की दुनिया से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा
है। प्राचीन काल की शिक्षा प्रणाली को ज्ञान, परंपराओं और प्रथाओं का एक स्रोत माना जाता था जो मानवता का मार्गदर्शन
और प्रोत्साहन करती थी।

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