Published December 15, 2015
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SAHITYIK VIDHAON KA DRISHY SHRVY MADHYAMON MEN RUPANTARAN
Description
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रचार प्रसार कर साथ ही साहित्यिक विधाओं का दृश्य श्रव्य माध्यमों में रूपांतरण का प्रचलन भी बढ़ा। साहित्य अपने मूल रूप यानी मुद्रण रूप में रहता है तो उसकी अपनी विशेषता होती है, परंतु जब साहित्य का रूपांतरण या कायांतरण दृश्य श्रव्य माध्यमों मे किया जाता है तो उसकी संरचना परिवर्तित हो जाती है। साहित्यिक कृति अपनी आत्मा को सुरक्षित रखते हुए नया शरीर धारण कर लेती है। वर्णित घटनाओं को दृश्य योजना में परिवर्तित करना पहली आवश्यकता है।