Published June 1, 2019 | Version v1

AADHUNIK HINDI UPANYASON MEN AARTHIK VISHAMATA KA YATHARTH

Authors/Creators

  • 1. BHAG SINGH KHALSA COLLEGE FOR WOMEN ABOHAR

Description

भूमंडलीकरण, उदारीकरण और निजीकरण की प्रक्रिया ने कम्पनी तंत्र और पूँजी के स्वतंत्र प्रवाह को बहुराष्ट्रीय बना दिया। नए उद्योगों की स्थापना होने के कारण रोज़गार के अवसर उपलब्ध हुए, वहीं लघु और कुटीर उद्योगों की कारगुज़ारी ठप्प पड़ गई। पूंजीवादी व्यवस्था में आर्थिक विषमता की स्थिति भी उभर कर सामने आई। अमीर और गरीब के बीच खाई का अंतर बढ़ने लगा। नई आर्थिक नीतियाँ प्रत्यक्ष निवेश के माध्यम से आर्थिक ढाँचे को मजबूत करने का मंत्रजाप बन चुकी है। नई आर्थिक नीतियों के प्रभावांकन में हिन्दी की औपन्यासिक विधा का विशेष योगदान है। इक्कीसवीं सदी के हिन्दी उपन्यासों ने आर्थिक विषमता की स्थिति को सूक्ष्मता के साथ चित्रित किया है। 

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