Published October 1, 2021
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बंगाल के बाउलों की साधना
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बाउल बंगाल के ऐसे संप्रदाय विशेष के लोग होते हैं जो किसी भी सामाजिक नियम, रीति-रिवाज़ों, शास्त्रों को नहीं मानते हैं और न ही उनके अनुरूप आचरण करते हैं। बाउल अपने साधना पद्धति को लेकर अत्यंत रहस्यवादी होते हैं, उनकी साधना पद्धति की मुख्य धुरी गुरु पर केंद्रित होती है, जिनके बिना साधना की सफलता असंभव है। बाउलों की साधना का मुख्य उद्देश्य शरीर के भीतर ही 'मोनेर मानुष' को प्राप्त करना है। उनके यहाँ चारिचंद्र साधना का विधान है जिसमें शारीरिक तत्वों और अनुशासन की अनिवार्यता होती है।