Published October 1, 2021
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बंगाल के निरक्षर सहज साधक बाउल
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बाउलों के संबंध में कोई स्वतंत्र ग्रंथ नहीं मिलता। मोटे तौर पर हम कह सकते हैं कि वैष्णव-सहजिया पंथ के ही ग्रंथ, तत्व और दर्शन ही बाउलों के भी तत्व और दर्शन कहलाएंगे। उपेंद्रनाथ भट्टाचार्य के अनुसार लोचनदास के 'वृहत् निगम' और पंचानन दास के संग्रह ग्रंथ बाउल संप्रदाय के संबंध में विशेष मूल्यवान सिद्ध होते हैं। इसके अलावा बाउल गीतों में इनका दर्शन और विशेष रूप से इनकी साधना पद्धति की जानकारी हमें मिलती है।