Published June 8, 2023 | Version v1

ओड़िया के अमर कथा शिल्पी फकीरमोहन सेनापति की कहानियों में औपनिवेशिक काल के सामाजार्थिक जीवन का यथार्थ

Description

आधुनिक ओड़िया के जनक फकीरमोहन सेनापति  हिन्दी में प्रेमचंद की तरह पढ़े जा रहे हैं। यथार्थवादी साहित्य लेखन का श्रेय उन्हें जाता है। हिन्दी के बड़े आलोचकों में नामवर सिंह, मैनेजर पाण्डेय और ललन प्रसाद सिंह ने उनके लेखन को रेखांकित किया है। उनकी तमाम कहानियाँ तत्कालीन समाज व राजनीति का यथार्थ अंकन करती हैं। उनकी कहानियों से गुजरना प्रेमचंद से पूर्व प्रेमचंद का दर्शन करने जैसा है। फकीरमोहन भारतीय साहित्य वांग्मय को आमजन के जीवन से जोड़कर साहित्य का बड़ा उपकार किया है। इन्होंने कहानी की नई शैली भी विकसित की है जहाँ यथार्थ व व्यंग्य आसानी से अपना रूप धारण कर लेते हैं। साथ ही उनकी कहानियाँ तत्कालीन ओड़िया समाज का यथार्थ भी प्रस्तुत करती हैं।

 

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