पारिवारिक संबंधों का किशोर बालक-बालिकाओं के आत्मविश्वास, व्यक्तित्व एवं शैक्षिक उपलब्धि पर प्रभाव का अध्ययन
Authors/Creators
- 1. प्रधानाचार्या (बी0एड0), एस.एस. काॅलेज, सोनाखर, जनपद-छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश
Description
कैशोर्य जो मानवता की अमूल्य धरोहर, राष्ट्र के स्वर्णिम स्वप्नों के आधार है, लेकिन विघटन की कगार पर पहुॅंचने के बाद वे घर, परिवार, समाज, राष्ट्र के लिए विकराल समस्या बन जाते हैं जिसका प्रमुख कारण पारिवारिक संबंधों में गिरावट का आना है, जिसका उनकी निर्माणकारी अवस्था के दौरान प्रतिकूल प्रभाव होता है। अभिभावकगण द्वारा उनके स्वीकृत या अस्वीकृत किये जाने से उनके जीवन की पुस्तक के हर पृष्ठ पर माता-पिता परिवारजनों के व्यवहारों के प्रतिमान प्रतिदिन अंकित होता रहता है। स्वीकृत एवं अस्वीकृत छात्र/छात्राओं पर पारिवारिक संबंधों का प्रभाव तथा उनके आत्मविष्वास, व्यक्तित्व एवं षैक्षिक उपलब्धि पर प्रभाव का अध्ययन किया गया। स्वीकृत छात्र/छात्राओं को अस्वीकृत छात्र/छात्राओं की अपेक्षा अधिक आत्मविष्वासी, बुद्धिमान, संवेगात्मक रूप से स्थिर, आत्मनिर्भर, तनावरहित तथा षैक्षिक उपलब्धि उत्तम पायी गयी। अस्वीकृत कैषोयों को पारिवारिक सहयोग की आवष्यकता है जिससे उनका आत्मविष्वास बढें, व्यक्तित्व में निखार आये और षैक्षिक क्षेत्र में उन्नति करके अपना सर्वांगीण विकास कर सके।