Published November 11, 2021 | Version v1

अनुवाद की प्रक्रिया : स्वरूप, सिद्धांत और व्यवहार का पुनर्पाठ

  • 1. सहयोगी प्राध्यापक तथा विभागाध्यक्ष हिंदी विभाग, यशवंतराव चव्हाण महाविद्यालय, अंबाजोगाई, जि. बीड

Description

वर्तमान समय में भूमंडलीकरण के दौर में कारण अनुवाद का महत्व दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। आज वाणिज्य -व्यापारिक क्षेत्र में आदान-प्रदान करने के लिए कार्यालयीन द्वी भाषिकता के लिए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भारतीय तथा विदेशी साहित्य को पढ़ने के लिए पत्रकारिता के क्षेत्र में,पर्यटन के संदर्भ, जैसे अनेक क्षेत्रों में अनुवाद की आवश्यकता अनन्यसाधारण है।

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007. anuwad prakriya.pdf

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