Published March 2, 2018 | Version v1

भारतीय राजनीति में पर्यावरण सम्बन्धी समस्याएं एक विश्लेषण

Authors/Creators

  • 1. DDU GORAKHPUR UNIVERSITY

Description

भारत आरंभ से ही कृषि प्रधान देश रहा है प्राचीन काल के विभिन्न ग्रंथों में वृक्षों नदियों जल पर्वत वायु इत्यादि का गुणगान किया गया है तथा उन्हें साक्षात पूजनीय माना गया है वर्ष 1972 ने पर्यावरण पर एक संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन स्टॉकहोम में आयोजित किया गया इस सम्मेलन में भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने अपनी राय देते हुए कहा कि गरीबी सबसे बड़ा प्रदूषक है आगे उन्होंने कहा कि हमें हमारी गरीबी को शक की निगाह से देखते हैं और दूसरी ओर से हमारे द्वारा अपनाए गए तरीकों की आलोचना करते है  इस प्रकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 48 को में नीति निदेशक तत्वों के अंतर्गत कहा गया है कि राज्य पर्यावरण वन वन्य जीवों का संरक्षण एवं संवर्धन करें 21 वी शताब्दी जहां अपनी अति आधुनिकता के लिए जानी जाएगीवही  इतिहास में इसे  पर्यावरण को सर्वाधिक क्षति पहुंचाने का भी श्रेय मिलेगा

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Journal article: 10.5281/zenodo.7143542 (DOI)