Published January 17, 2018 | Version v1
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किताब समीक्षाः मिथकों का नया पाठ

Description

महिषासुर मिथक व परंपराएं के संपादक प्रमोद रंजन हैं, प्रकाशन हाउस द मार्जिनलाइज्ड से यह किताब प्रकाशित हुई है.
यह किताब छह खंडों में बंटी है. पहले खंड में विभिन्न राज्यों में महिषासुर से जुड़े पुरातात्विक साक्ष्यों और स्मृतियों की तलाश में की गई यात्रा का वृतांत है... उत्तर प्रदेश के महोबा की यात्रा में प्रमोद रंजन पाते हैं कि महिषासुर के स्थल वहां भैंसासुर और मैकासुर जैसे नामों से जगह-जगह मौजूद हैं. 

Notes

किताब में जोतीराव फुले, संभाजी भगत, कंवल भारती, रमणिका गुप्त समेत संजीव चंदन की साहित्यिक रचनाएं भी हैं. कुल मिलाकर, किताब में अस्मिताओं की नई सामाजिक.पड़ताल और खोजपरक तथ्य हैं.

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किताब समीक्षाः मिथकों का नया पाठ - book review book mahishasur chattisgarh asur pramod ranjan mahishasur mithak and paramparyen - AajTak.pdf

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