भारत और पारलिमपिक खेल एक पुराना रिष्टा उन्निस्ट के टेलवी पारलिमपिक्स में पहली बार पारत के खिलाडी शरीक हुए, चार सार बाद मुर्लिकान पेट कर भारत के पहले पारलिमपिक स्वर्न विजेता बने,
कुल मिलाकर बारत का पारलिमपिक आन्दोलन लक्बाग पाज्दशक पुराना है, और 2016 के रियो पारलिमपिकस में चार पदक प्राप कर के, बारत निए अप तक का अपना सर्व श्रेष्ट प्रदर्षन दिखाया,
पर क्या खेल जगत के किनारो से मुख्यदारा तक का साफर पूरा होता दिखता है?
बारा स्पोर्ष का अईडिया में इतना करेज नहीं है, कि वहांपे बच्छे अच्छे है, हम से भी अच्छा भी कर सकते है,
ये नहीं कि वहांपे कम है, वहांपे गोलते है कि पलेर बहुत है, उनकि कुछ आर्टिक सितिति कि अच्छे नहीं है,
कि बहार आते है, बहार आने में कईभार पैसे लगते है, और कईभार गोर मेंट पे करती है, लेकिं गोर मेंट पे करती है, तब तो आजा जाते है, लेकिं कुछ बच्छे अच्छे है, जो पे नहीं कर चकते है,
अच्छे अच्छे अच्छे अच्छे है, आच्छे अच्छे है, तो आच्छे अच्छे हो नहीं है,
तो आजा दा बदल फोग लिए मागरे विख की नहीं काई अच्छे है, या गर कुछ से प्रगलम है,
तो अच्छे अच्छे है, आच्छे विख अच्छे है, अच्छे अच्छे है,
या च्छछे है, या तो टीर थी तो आच्छे है, आच्छे है,
तो आच्छे है, बच्छे अच्छे अच्छे है, तो आच्छे है,
अच्छे अच्छे अच्छे है, अच्छे अच्छे है, अच्छे अच्छे है,
अच्छे अच्छे है, अच्छे अच्छे है, अच्छे अच्छे है,
अच्छे अच्छे है, अच्छे है, अच्छे अच्छे है,
आच्छे है, अच्छे अच्छे है, अच्छे अच्छे है,
अच्छे है, याच्छे अच्छे है, आच्छे अच्छे है,
अच्छे है, याच्छे अच्छे है, या च्छछे है,
थि वर्ग देखाते है, अच्छे अच्छे है,
अखान यागाजा तो एक्या क्यान बन आप़द्टीः वुगागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागाग
