उरान्टाना पासा इतो बवेगे लेए की तबज आपाजा थादा वासा पूए शाहा फुए आपाजाए तबज आपाजाए तबज आपाज आप पूए पूए अपाजाए तबज आपाजाए तबज आपाजाए तबज आपाजाए तबज आपाजाए तबज आपाजाय त
मैंने ये कब सो चाथा होगा यों कभी
जाने काह ले आई आई है ये जिन्द की
क्या जाने क्यों तुम जो मेले
दिल जितना हुष है उतना है रां
मैंने ये कब सो चाथा होगा यों कभी
और मैंने ये कब सो चाथा होगा यों कभी
राह में यों मिल जाएं गे तो वजना भी
क्या जाने क्यों तुम जो मेले
दिल जितना हुष है उतना है रां
तुम हो चाहा मैं बाहा
दिल से चडिल मिला मुझे साहिल मिला
हम जो मिल गए तो फिर यों हुष है
के रे निक्री हुए तुर तक ही प्रिजा
मैं जो खिल गए तो फिर यों हुष है
के रे मैं की हुए गों तो नावती हा
यों ही रहे काश ब ये समाः
बाहा
बाहा
बाहा
बाहा
बाहा
